History of ban on non Muslims entry in Islam’s holy sites of Makkah & Madina … Why was this restriction removed ? – Ahmed Sohail Siddiqui

اسلام کے مقدس مقامات مکہ اور مدینہ میں غیر مسلموں کے داخلے پر پابندی کی تاریخ… یہ پابندی کیوں ہٹائی گئی؟ – احمد سہیل صدیقی

مکہ اور مدینہ میں غیر مسلموں کے داخلے پر پابندی کی تاریخی جڑیں ہیں اور بنیادی طور پر اسلام میں ان شہروں کی مقدس نوعیت سے وابستہ ہے۔ یہ پابندی صدیوں سے برقرار تھی لیکن 2019 میں سعودی عرب نے ایک نئی ویزا اسکیم متعارف کرائی جس کے تحت غیر مسلموں کو ان شہروں میں کاروبار یا سیاحت کے لیے مخصوص شرائط کے تحت جانے کی اجازت دی گئی۔ یہ اقدام سیاحت کو فروغ دینے اور ملکی معیشت کو متنوع بنانے کی وسیع تر کوششوں کا حصہ تھا۔

History of ban on non Muslims entry in Islam’s holy sites of Makkah & Madina … Why was this restriction removed ? – Ahmed Sohail Siddiqui

The restriction on non-Muslims entering Makkah and Madina has historical roots and is mainly associated with the sacred nature of these cities in Islam. The ban was in place for centuries, but in 2019, Saudi Arabia introduced a new visa scheme allowing non-Muslims to visit these cities under certain conditions, such as for business or tourism. The move was part of broader efforts to promote tourism and diversify the country’s economy.

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इस्लाम के पवित्र स्थलों मक्का और मदीना में गैर-मुस्लिमों के प्रवेश पर प्रतिबंध का इतिहास…क्यों हटाया गया यह प्रतिबंध? -अहमद सोहेल सिद्दीकी

मक्का और मदीना में गैर-मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध की जड़ें ऐतिहासिक हैं और यह मुख्य रूप से इस्लाम में इन शहरों की पवित्र प्रकृति से जुड़ी है। प्रतिबंध सदियों से लागू था, लेकिन 2019 में, सऊदी अरब ने एक नई वीज़ा योजना शुरू की, जिसमें गैर-मुसलमानों को कुछ शर्तों के तहत, जैसे व्यापार या पर्यटन के लिए, इन शहरों में जाने की अनुमति दी गई। यह कदम पर्यटन को बढ़ावा देने और देश की अर्थव्यवस्था में विविधता लाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा था।

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سعودی حکومت ایک اور انتہائی گھٹیہ اور غیرشرعی اقدام شعار اسلام کی علی الاعلان توہین مشرکین کو مسجد نبوی شریف اور دیگر مقامات مقدسہ میں سیر و تفریح فلم بندی کی اجازت
بدنام زمانہ مسلم دشمن ہندو توا ایجنٹ کی مسجد نبوی شریف میں موجودگی کی وڈیوز سوشل میڈیا پر موجود
تمام مسلمان اس کے خلاف آواز اٹھائیں حرمین شریفین سعودی بدقماش بادشاہوں کی جاگیر نہیں ہے یہ مسلمانوں کے مقدس ترین مقام ہیں اور آنحضرت صلی اللہ علیہ وسلم کی وصیت ہے کہ جزیرہ نما عرب سے مشرکین کو نکال دو۔
اگر سعودی حکمران حرمین کا تقدس بحال نہیں رکھ سکتے تو حرمین مقدس کو مسلمانوں کے عالمی فورم کے حوالے کیا جائےایک طرف بھارت میں بابری مسجد کی جگہ جلد رام مندر کی تعمیر کا باقاعدہ اعلان کیا جارہا ہے اور دوسری طرف بےغیرت سعودی حکمران انہی ہندو توا دھشتگردوں کو مسجد نبوی شریف اور دیگر مقامات مقدسہ کا وزٹ کروارہے ہیں
اس عنوان پر ہر سوشل میڈیا پلیٹ فارم پر آواز اٹھائیں کہ یہ ہمارا اخلاقی و مذہبی فریضہ ہے

सऊदी सरकार ने मस्जिद नबवी शरीफ और अन्य पवित्र स्थानों में फिल्मांकन की अनुमति देकर मुसलमानों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का एक और बहुत ही घृणित और अवैध कदम उठाया है।
मस्जिद नबवी शरीफ में कुख्यात मुस्लिम विरोधी हिंदुत्व एजेंट की मौजूदगी के वीडियो सोशल मीडिया पर उपलब्ध हैं
सभी मुसलमानों को इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। हरामीन शरीफ सऊदी खराब कपड़े पहनने वाले राजाओं का क्षेत्र नहीं है। यह मुसलमानों का सबसे पवित्र स्थान है और यह पवित्र पैगंबर (अल्लाह की शांति और आशीर्वाद उन पर हो) की इच्छा है बहुदेववादियों को अरब प्रायद्वीप से बाहर निकालो।
यदि सऊदी शासक पवित्र हरम की पवित्रता को बहाल नहीं कर सकते हैं, तो पवित्र हरम को मुस्लिम विश्व मंच को सौंप दिया जाना चाहिए। वे मस्जिद नबवी शरीफ और अन्य पवित्र स्थानों का दौरा कर रहे हैं
हर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर इस विषय पर आवाज उठाएं कि यह हमारा नैतिक और धार्मिक कर्तव्य है

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